लपेटुया के पौधे का आयुर्वेद में प्रयोग

 आयुर्वेद में हर पौधे को औषधि रूप माना गया है और “लपेटुया” (जिसे कुछ जगहों पर अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है) लोकचिकित्सा और परंपरागत चिकित्सा में उपयोग होता आया है। इसके पत्ते, जड़ और फूल कई प्रकार के औषधीय गुणों से भरपूर माने जाते हैं। नीचे हम इसके फायदे, उपयोग और परहेज के … Read more

पीपल के पौधे का आयुर्वेद में प्रयोग

 पीपल का वृक्ष (Ficus religiosa) भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद दोनों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इसे धार्मिक दृष्टि से पवित्र और औषधीय गुणों से भरपूर समझा जाता है। इसके पत्ते, छाल, फल और जड़ का उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता है। 1) पीपल के फायदे 2) पीपल किन-किन बीमारियों में काम … Read more

चिड़चिड़ा के पौधे का आयुर्वेद में प्रयोग

 ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों-खलिहानों में अक्सर पाया जाने वाला चिड़चिड़ा का पौधा (जिसे कई जगहों पर अलग-अलग स्थानीय नामों से जाना जाता है) आयुर्वेद में औषधीय दृष्टि से उपयोगी माना गया है। यह पौधा छोटे-छोटे कांटेदार और झाड़ीदार स्वरूप का होता है। पारंपरिक चिकित्सा में इसके पत्ते, जड़ और बीज कई रोगों में इस्तेमाल किए जाते हैं। … Read more

काँग्रेस घास (Congress Grass) के पौधे का आयुर्वेद में प्रयोग

काँग्रेस घास, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Parthenium hysterophorus कहा जाता है, भारत में सर्वाधिक पाई जाने वाली जंगली घासों में से एक है। इसे कई जगह गाजर घास या अंग्रेजी घास भी कहा जाता है। सामान्यतः यह पौधा हानिकारक माना जाता है, लेकिन लोकचिकित्सा और आयुर्वेद में इसके सीमित और नियंत्रित उपयोग बताए गए हैं। यह पौधा अत्यधिक विषाक्त भी होता … Read more