काँग्रेस घास (Congress Grass) के पौधे का आयुर्वेद में प्रयोग

काँग्रेस घास, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Parthenium hysterophorus कहा जाता है, भारत में सर्वाधिक पाई जाने वाली जंगली घासों में से एक है। इसे कई जगह गाजर घास या अंग्रेजी घास भी कहा जाता है। सामान्यतः यह पौधा हानिकारक माना जाता है, लेकिन लोकचिकित्सा और आयुर्वेद में इसके सीमित और नियंत्रित उपयोग बताए गए हैं। यह पौधा अत्यधिक विषाक्त भी होता है, इसलिए इसका प्रयोग सावधानी से करना आवश्यक है।


1) काँग्रेस घास के फायदे

  • प्राकृतिक कीटाणुनाशक – इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं।
  • बुखार में सहायक – पारंपरिक उपयोग में इसका काढ़ा हल्के बुखार में दिया जाता रहा है।
  • त्वचा पर बाहरी प्रयोग – फोड़े-फुंसी और घाव पर इसका लेप संक्रमण को कम करने में सहायक।
  • कीट भगाने वाला – इसके पत्तों का धुआँ मच्छरों और कीटों को भगाने में कारगर।
  • एंटीऑक्सीडेंट गुण – सीमित मात्रा में प्रयोग से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की क्षमता।

2) किन-किन बीमारियों में काम आता है

  • त्वचा रोग (फोड़े, फुंसी, खुजली – केवल बाहरी प्रयोग)
  • हल्का बुखार और संक्रमण
  • घाव और चोट का उपचार
  • कीड़े-मकोड़े या मच्छरों से सुरक्षा
  • कभी-कभी पाचन से संबंधित समस्याओं में भी सीमित मात्रा में प्रयोग किया जाता है

3) काँग्रेस घास कहाँ पाई जाती है

  • यह घास पूरे भारत में खुले मैदानों, खेतों, सड़क किनारे और खाली पड़ी जमीनों पर उगती है।
  • बारिश और गर्मियों के मौसम में इसकी वृद्धि सबसे तेज होती है।
  • मूल रूप से यह अमेरिका से आई है, लेकिन अब यह लगभग पूरे एशिया और अफ्रीका में फैल चुकी है।

4) काँग्रेस घास का उपयोग कैसे करें

  • पत्तों का लेप – घाव या फोड़े-फुंसी पर लगाया जाता है।
  • काढ़ा (बहुत ही कम मात्रा में और केवल वैद्य की देखरेख में) – बुखार और संक्रमण कम करने में।
  • धुआँ – पत्तों को जलाकर मच्छर और कीट भगाने में।
  • जैविक कीटनाशक – खेतों में कीड़े नियंत्रित करने के लिए।

5) काँग्रेस घास के परहेज

  • यह पौधा अत्यधिक विषाक्त है, इसलिए कभी भी इसे कच्चा या अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए।
  • इसकी पत्तियों को छूने से कई बार एलर्जी, खुजली या चकत्ते हो सकते हैं।
  • गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग इसका सेवन न करें।
  • लंबे समय तक संपर्क से सांस की समस्या, दमा और एलर्जी हो सकती है।
  • इसका उपयोग केवल आयुर्वेदाचार्य या वैद्य की देखरेख में ही करना चाहिए।

✅ निष्कर्ष
काँग्रेस घास एक विषैला पौधा है, लेकिन आयुर्वेद और लोकचिकित्सा में इसके सीमित और नियंत्रित उपयोग से लाभ प्राप्त किया जा सकता है। यह कीटाणुनाशक, कीट भगाने वाला और कुछ रोगों में औषधीय रूप से सहायक है। हालांकि, इसके गलत उपयोग से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं, इसलिए इसे सावधानीपूर्वक और विशेषज्ञ की सलाह से ही प्रयोग करना चाहिए।

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